सोशल मीडिया की दुनिया में वायरल होने की होड़ अब लोगों को ऐसी हरकतें करने पर मजबूर कर रही है, जिन्हें देखकर हर कोई हैरान रह जाता है। हाल ही में एक ऐसा ही मामला सामने आया, जिसने इंटरनेट पर बड़ी बहस छेड़ दी। मशहूर इन्फ्लुएंसर सार्थक सचदेवा पर आरोप लगा है कि उन्होंने एयर इंडिया फ्लाइट में अपग्रेड पाने के लिए नकली चोट का ड्रामा किया।
यह खबर सामने आते ही सोशल मीडिया पर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। कुछ लोग इसे “सिर्फ कंटेंट” बता रहे हैं, तो कई यूजर्स इसे संवेदनहीन हरकत मान रहे हैं।
क्या था पूरा मामला?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, सार्थक सचदेवा ने एयर इंडिया की फ्लाइट में सफर के दौरान एक एक्सपेरिमेंट वीडियो शूट किया। इस वीडियो में उन्होंने कथित तौर पर घायल होने का नाटक किया ताकि यह देखा जा सके कि एयरलाइन स्टाफ उन्हें बेहतर सीट या अपग्रेड देता है या नहीं।
वीडियो वायरल होते ही लोगों ने सवाल उठाना शुरू कर दिया कि क्या सोशल मीडिया फेम के लिए किसी भी हद तक जाना सही है?
कई यात्रियों ने इस हरकत को गलत बताया और कहा कि इससे असली जरूरतमंद लोगों की समस्याओं को हल्के में लिया जाता है।
सोशल मीडिया पर क्यों भड़के लोग?
“वायरल होने की भूख खतरनाक है”
जैसे ही यह वीडियो इंटरनेट पर फैला, यूजर्स ने इन्फ्लुएंसर संस्कृति पर सवाल उठाने शुरू कर दिए।
कई लोगों का कहना था कि नकली चोट या बीमारी का नाटक करना बेहद गैरजिम्मेदाराना व्यवहार है। कुछ यूजर्स ने लिखा कि अगर ऐसी हरकतें ट्रेंड बनने लगीं, तो लोग असली इमरजेंसी पर भी भरोसा करना बंद कर देंगे।
एक यूजर ने लिखा,
“आजकल लोग लाइक्स और व्यूज़ के लिए इंसानियत तक भूल जाते हैं।”
एयर इंडिया की तरफ से क्या आया रिएक्शन?
हालांकि एयर इंडिया की ओर से इस मामले पर कोई बड़ा आधिकारिक बयान सामने नहीं आया, लेकिन सोशल मीडिया पर लोग लगातार एयरलाइन से सवाल पूछ रहे हैं।
कुछ लोगों का मानना है कि एयरलाइंस को ऐसे मामलों में सख्त नियम बनाने चाहिए ताकि कोई भी यात्री सिस्टम का गलत फायदा न उठा सके।
इन्फ्लुएंसर कल्चर पर फिर उठे सवाल
यह पहली बार नहीं है जब किसी कंटेंट क्रिएटर की हरकत विवादों में आई हो। पिछले कुछ सालों में वायरल वीडियो बनाने के लिए लोग सड़क, ट्रेन, फ्लाइट और सार्वजनिक जगहों पर अजीबोगरीब स्टंट करते नजर आए हैं।
लेकिन इस बार मामला इसलिए ज्यादा गंभीर माना जा रहा है क्योंकि इसमें “नकली चोट” जैसी संवेदनशील चीज का इस्तेमाल किया गया।
सोशल मीडिया एक्सपर्ट्स का कहना है कि कंटेंट और जिम्मेदारी के बीच संतुलन होना बेहद जरूरी है।
क्या सिर्फ मनोरंजन के लिए सब कुछ सही है?
आज की डिजिटल दुनिया में हर कोई वायरल होना चाहता है। लेकिन सवाल यह है कि क्या कुछ मिनट की लोकप्रियता के लिए गलत संदेश देना सही है?
सार्थक सचदेवा का यह विवाद सिर्फ एक वीडियो तक सीमित नहीं है। इसने यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि सोशल मीडिया की दौड़ में लोग आखिर कितनी दूर जा सकते हैं।
शायद यही वजह है कि यह मामला अब सिर्फ एक वायरल वीडियो नहीं, बल्कि इंटरनेट की बदलती मानसिकता पर बड़ा सवाल बन चुका है।
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